कोटा/जयपुर, 1 मई। प्रदेश में शिक्षा ढांचे को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। समग्र शिक्षा परिषद के तहत कोटा जिले के 9 विद्यालयों के लिए नए भवनों के निर्माण हेतु 1202.58 लाख रुपए की स्वीकृति जारी की गई है। यह पहल उन विद्यालयों के लिए राहत लेकर आई है, जहां अब तक भवनों का अभाव था या व्यवस्थाएं अपर्याप्त थीं।
शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने बताया कि प्रदेशभर में 300 भवन-विहीन विद्यालयों के लिए 410 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें कोटा जिले के 9 स्कूल भी शामिल हैं। इन विद्यालयों में खैराबाद पंचायत समिति के राजूखेड़ा और मानपुर उच्च प्राथमिक विद्यालय, सुल्तानपुर क्षेत्र के उकालदा और निमोद हरि जी प्राथमिक विद्यालय, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बनेठिया, इटावा क्षेत्र के झोपड़ियां व मियाना विद्यालय, लाडपुरा के खेरली पांडे तथा सांगोद के बालूखेड़ा विद्यालय शामिल हैं।
मंत्री दिलावर ने बताया कि इसके साथ ही प्रदेश में जर्जर विद्यालय भवनों की मरम्मत के लिए 2000 करोड़ रुपए की बड़ी राशि स्वीकृत की गई है। इससे हजारों स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं में सुधार होगा और विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं बेहतर वातावरण मिल सकेगा।
एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय के तहत प्रदेश के 37 हजार से अधिक विद्यालयों को भूमि के मालिकाना हक (पट्टे) दिए जाएंगे। इसके लिए सभी जिला कलेक्टरों को अभियान चलाकर शीघ्र पट्टे जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे स्कूलों को स्थायी पहचान और विकास कार्यों में तेजी मिलेगी।
इस बीच मंत्री मदन दिलावर ने कोटा में जनगणना पोर्टल पर स्वयं जाकर स्व-गणना की प्रक्रिया पूरी की। नगर निगम कोटा की उपायुक्त भावना सिंह और सांख्यिकी विभाग की टीम की मौजूदगी में यह प्रक्रिया संपन्न हुई। मंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे 15 मई तक स्व-गणना में भाग लेकर अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करें।
सरकार की इन पहलों से स्पष्ट है कि शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ प्रशासनिक प्रक्रियाओं को भी आधुनिक और पारदर्शी बनाया जा रहा है।