लिफ्ट के बहाने ले गए, फिर रेप कर हत्या: लालसोट केस में दोनों आरोपी दोषी करार, कल सजा का ऐलान

लालसोट (दौसा)। दौसा जिले के लालसोट क्षेत्र में महिला से दुष्कर्म और हत्या के सनसनीखेज मामले में एडीजे कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया है। दोषी संजू मीणा और कालू मीणा को सजा पर अंतिम फैसला शुक्रवार को सुनाया जाएगा।

एडीजे कोर्ट की न्यायाधीश रितु चौधरी ने सजा का निर्णय सुरक्षित रखते हुए दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया है।

जयपुर से पीहर जा रही थी महिला

विशेष लोक अभियोजक महावीर सिंह किशनावत के अनुसार, 23 फरवरी 2022 को जयपुर निवासी महिला अपने पीहर जा रही थी। वह बस से उतरकर घर की ओर पैदल जा रही थी। उसके साथ एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़का भी पैदल चल रहा था।

इसी दौरान संजू मीणा (23) और कालू मीणा (27) कार लेकर पहुंचे और दोनों को लिफ्ट देने का झांसा देकर वाहन में बैठा लिया। नाबालिग लड़का आरोपियों के गांव का ही रहने वाला था।

रास्ते में उतारा, फिर महिला को ले गए आगे

कुछ दूरी पर नाबालिग के घर के पास पहुंचने पर उसे उतार दिया गया। महिला को आगे छोड़ने की बात कहकर कार में बैठाए रखा। आरोपियों ने उसे करीब पांच किलोमीटर दूर एक सुनसान इलाके में ले जाकर नदी क्षेत्र में दुष्कर्म किया और फिर उसकी हत्या कर दी।

वारदात के बाद आरोपियों ने महिला के जेवर और नकदी भी ले ली। सबूत मिटाने के लिए शव को जलाने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं होने पर शव को दूसरे गांव के एक कुएं में फेंक दिया।

सोशल मीडिया पोस्ट से खुला राज

महिला के पीहर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने गुमशुदगी की सूचना सोशल मीडिया पर साझा की और पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई।

नाबालिग लड़के ने सोशल मीडिया पर पोस्ट देखी तो अपने पिता को बताया कि वह महिला उसके साथ कार में आई थी। उसने आरोपियों की पहचान भी की।

लड़के के पिता ने महिला के परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने 24 फरवरी 2022 की शाम दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर महिला का शव कुएं से बरामद किया गया।

कल होगा सजा का ऐलान

कोर्ट द्वारा दोष सिद्ध किए जाने के बाद अब सभी की नजरें सजा पर टिकी हैं। शुक्रवार को एडीजे कोर्ट अंतिम सजा का ऐलान करेगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त सजा की संभावना जताई जा रही है।


निष्कर्ष:

लालसोट का यह मामला मानवता को झकझोर देने वाला है, जहां लिफ्ट देने के बहाने महिला के साथ जघन्य अपराध किया गया। नाबालिग की सूझबूझ और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मामले का खुलासा हुआ और आरोपियों को सजा के कटघरे तक पहुंचाया गया। अब अदालत के अंतिम फैसले का इंतजार है, जिससे पीड़िता को न्याय मिल सके।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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